‘Covid 19’ नाम कब और कैसे मिला ?

क्या आप जानते हैं कि कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी का नाम ‘Covid 19’ कैसे पड़ा ? 

International Committee on Taxonomy of Viruses कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी को “Severe Acute Respiratory Syndrome Coronavirus 2” या SARS-CoV-2 कहती है। क्योंकि ये वायरस 2003 में हुए SARS outbreak वाले वायरस से मिलता-जुलता है। लेकिन कहीं लोग इसे SARS से जोड़ कर न देखने लगें, इसलिए WHO ने इसे Covid-19 का नाम दिया। कोरोना वायरस disease 2019 का एक छोटा संस्करण है Covid 19. 11 फ़रवरी को कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नाम दिया – Covid 19.

बीमारी का नाम – Corona Virus Disease = COVID-19

वायरस का नाम – Severe Acute Respiratory Syndrome Corona Virus 2 = SARS-CoV-2

WHO का कहना है कि उन्हें एक ऐसा नाम ढूंढना था, जो किसी भौगोलिक स्थिति, किसी जानवर, किसी व्यक्ति या लोगों के समूह का उल्लेख नहीं करता हो और जो उच्चारण योग्य हो और बीमारी से संबंधित हो। Covid 19 नाम का निर्णय डब्ल्यूएचओ, विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के बीच सहमत दिशानिर्देशों पर आधारित था।

प्रकोप के शुरुआती दिनों में, WHO द्वारा वायरस को 2019-nCoV कहा जाता था। ये नाम अभी भी अक्सर उपयोग किया जाता है। वायरस को अक्सर ‘novel कोरोना वायरस’, ‘2019 कोरोना वायरस’ या सिर्फ ‘कोरोना वायरस’ के रूप में भी जाना जाता है।

किसी भी बीमारी का नाम रखते हुए इस बात का ख्याल रखना होता है कि उस नाम से किसी व्यक्ति, समुदाय, शहर, देश या काल का बोध न हो। वर्ना ये लोगों में उस व्यक्ति, समुदाय, शहर, देश या काल के प्रति घृणा या द्वेष का कारण बन सकता है। Technical terminology के बावजूद ये नाम सुनने और बोलने में आसान होना चाहिए। हर तबके को समझ आना चाहिए और इस बीमारी के उत्पन्न होने की वजह से जुड़ा हुआ भी होना चाहिए।

यहां  ये समझना भी ज़रूरी है कि लैबोरेटरी टेस्टिंग, वैक्सिन और दवाओं के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए वायरस का नाम उनके आनुवंशिक संरचना के आधार पर रखा जाता है। वायरोलॉजिस्ट और वैज्ञानिक समुदाय इस काम को करते हैं, इसलिए वायरस का नाम International Committee on Taxonomy of Viruses (ICTV) द्वारा रखा जाता है। 

जबकि रोग की रोकथाम, प्रसार, गंभीरता और उपचार पर चर्चा को सक्षम करने के लिए रोगों का नाम दिया जाता है। रोग से बचने की तैयारी और उसे लेकर होने वाली प्रतिक्रिया में डब्ल्यूएचओ की अहम भूमिका होती है। इसलिए रोगों को आधिकारिक तौर पर WHO द्वारा International Classification of Diseases की मदद से नामित किया जाता है।