14 Jan : Man with a Golden pen and Diamond Soul

Sayyid Akhtar Hussein Rizvi, the name does’t seem familiar to you, but we all very well know and admire this personality. We all know him by the name of Kaifi Azmi. He was born today in 1919. This day is marked in history as birth of the man who made Urdu literature, a part of Bollywood film industry.

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He wrote his first ghazal at the age of 11. His father and family couldn’t believe of his writing, and took a test. They gave him a couple of lines and asked him to write a ghazal i the same meter* and rhyme. He passed this test with full distinction. This ghazal was sung by the legendary Begum Akhtar.

Like any other ghazal writer, he also started with love poetry. But with time his taste and thinking made him write lines like :

कर चले, हम फिदा जान-ओ-तन साथियों
अब तुम्हारे हवाले, वतन साथियों

प्यार का जश्न नई तरह मनाना होगा
ग़म किसी दिल में सही ग़म को मिटाना होगा

कोई तो सूद चुकाए, कोई तो ज़िम्मा ले
उस इंकिलाब का, जो आज तक उधार सा है

*Meter in a ghazal means all couplets have same number of characters.

यूं तो कैफी आज़मी को किसी तार्रुफ की ज़रूरत ही नहीं है, उनकी ग़ज़ल ‘औरत’ की ये कुछ लाइनें उनकी सोच को पूरी तरह से परिभाषित करती हैं.

उठ मेरी जान! मेरे साथ ही चलना है तुझे
गोशे-गोशे में सुलगती है चिता तेरे लिये
फ़र्ज़ का भेस बदलती है क़ज़ा तेरे लिये
क़हर है तेरी हर इक नर्म अदा तेरे लिये
ज़हर ही ज़हर है दुनिया की हवा तेरे लिये
रुत बदल डाल अगर फूलना फलना है तुझे
उठ मेरी जान! मेरे साथ ही चलना है तुझे

क़द्र अब तक तिरी तारीख़ ने जानी ही नहीं
तुझ में शोले भी हैं बस अश्कफ़िशानी ही नहीं
तू हक़ीक़त भी है दिलचस्प कहानी ही नहीं
तेरी हस्ती भी है इक चीज़ जवानी ही नहीं
अपनी तारीख़ का उनवान बदलना है तुझे
उठ मेरी जान! मेरे साथ ही चलना है तुझे

तोड़ कर रस्म के बुत बन्द-ए-क़दामत से निकल
ज़ोफ़-ए-इशरत से निकल वहम-ए-नज़ाकत से निकल
नफ़स के खींचे हुये हल्क़ा-ए-अज़मत से निकल
क़ैद बन जाये मुहब्बत तो मुहब्बत से निकल
राह का ख़ार ही क्या गुल भी कुचलना है तुझे
उठ मेरी जान! मेरे साथ ही चलना है तुझे

Listen to Kaifi Azmi reciting his poems at All India Mushairas. 

Rebel with a cause (Official website of Kaifi Azmi)
http://www.azmikaifi.com

Memoirs : 

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Kaifi Azmi with Family (Wife Shaukat Kaifi, Daughter Shabana Azmi, Son in law Javed Akhtar, Son Bobby Azmi and Daughter in law Tanvi Azmi
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Kaifi Azmi with Shabana Azmi
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Kaifi Azmi with Shaukat Kaifi and Shabana Azmi