4 Jan : Lifeline for those who live in dark

Braille, a system of reading and writing for use by the visually impaired, was a brainchild of Louis Braille. He was born today in 1809.

Unknown

Because of an early childhood accident, Louis Braille lost his vision of both eyes at the age of 5. Still he had always been good in studies and even got scholarship to France’s Royal Institute of Blind Youth. While a student there, he started developing a code that could allow blind to read and write. Inspired by the military cryptography, ‘night writing’, Braille developed this new method specially for the blind people. He was only 15 then. This landmark revolution is being used by the needy all over the world even today.

Hindi
ब्रेल लिपि का आविष्कार करने वाले लुई ब्रेल का जन्म आज 1809 में फ्रांस में हुआ था। ब्रेल लिपि नेत्रहीनों के लिए पढ़ने और लिखने की तकनीक है, जिसमें कागज़ पर अक्षरों के उभार को छू कर उसे पढ़ा जाता है। महज़ 5 साल की उम्र में एक हादसे की वजह से ब्रेल की आंखों की रोशनी चली गई थी। इस तकलीफ को समझते हुए ब्रेल ने कुछ ऐसा करने की सोची जिससे दूसरे लोगों का जीवन आसान हो सके। ब्रेल ने पढ़ाई करते हुए ही, इस तकनीक पर काम शुरु कर दिया था, फ्रांस की मिलिट्री में ऐसे ही संचार माध्यम का इस्तेमाल किया जाता था। लिहाज़ा ब्रेल ने इसके बारे में जानकारी हासिल करनी शुरु की। ‘नाइट राइटिंग’ नाम की ये तकनीक काफी जटिल थी, लेकिन ब्रेल ने इस तकनीक से प्रेरणा लेकर ब्रेल लिपि का आविष्कार किया। माना जाता है कि 15 साल की उम्र में ही ब्रेल ने इस क्रांतिकारी लिपि को विकसित कर लिया था, और इसका इस्तेमाल आज पूरी दुनिया में किया जाता है।