7 Aug : End of a Poetic Centenary

‘Gurudev’, that’s what the world calls him. He died today in 1941.
Rabindranath_Tagore_unknown_locationRabindranath Tagore, a writer, poet, musician and painter, is known for his noble prize winning creation ‘Gitanjali’, a collection of Bengali poems. He wrote his first poem at the age of 7. When he was 19, his first collection of poems ‘Bhanusimha’ was published.  His creations from ‘Rabindra Sangeet’ to our national anthem ‘Jana Gana Mana’ to Bangladesh’s national anthem ‘Amar Sonar Baanglaa’  are out of this world. Unknown
#Hindi
आज 1941 में मशहूर लेखक रबिंद्रनाथ टैगोर का निधन हो गया था. लेखन की हर विधा में रबिंद्रनाथ टैगोर ने अपनी छाप छोड़ी और उनकी रचना गीतांजलि के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उन्होंने रबिंद्र संगीत की रचना भी की थी. 8 साल की उम्र में टैगोर ने पहली कविता लिखी और 19 साल की उम्र में उन्होंने अपनी कविताओं का संग्रह ‘भानुसिम्हा’ प्रकाशित किया. उन्होंने ना सिर्फ हमारे देश के राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ की रचना की बल्कि बांग्लादेश के राष्ट्रगान ‘अमार शोनार बांग्ला’ के लेखक भी वही थे. जलियांवाला बाग़ हत्याकांड के बाद 1919 में रबिंद्रनाथ टैगोर ने अंग्रेज़ों द्वारा दिए गए knighthood को लौटा दिया था. ‘गीतांजलि’ और ‘गोरा’ उनकी अनमोल रचनाओं में शामिल हैं. इसके अलावा उनकी लिखी तमाम कहानियों पर फिल्में भी बनाई गई हैं. जिसमें बिमल रॉय की ‘काबुलीवाला’, गुलज़ार की ‘लेकिन’, सत्यजीत रे की ‘घरे-बायरे’ और चारुलता और रितुपर्णों घोष की ‘चोखेर बाली’ शामिल हैं.