29 March : ‘Lutyens Delhi’… the name, the power, the glory

One who knows Delhi, knows the importance of Lutyens Delhi. Many of us know that the area has been named by the designer British Architect Sir Edwin Lutyens. He was born today in 1869.

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Lutyens played an instrumental role in designing and building New Delhi.
In collaboration with Sir Herbert Baker, he was also the main architect of several monuments in New Delhi such as the India Gate, Parliament House, Janpath, Rajpath. He also designed Viceroy’s House, which is now known as the Rashtrapati Bhavan.

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He later on served as the Government of India.

Lutyens would trace the things he saw with a sharpened piece of soap on a glass sheet because it was cheaper to buy soap and easier to erase it too.

He designed furnitures too. He even designed a circular nursery, so that children could not be asked to stand in the corner.

#Hindi 
दिल्ली को यूं ही देश का दिल नहीं कहा जाता है… दिल्ली की आन, बान और शान की बात ही अलग है… दिल्ली में रहनेवाले किसी भी शख्स से दिल्ली के बारे में पूछ लीजिए, दिल खोलकर आपके सामने रख देगा… यहां के इंडिया गेट से लेकर कुतुब मीनार तक… और संसद भवन से लेकर राष्ट्रपति भवन तक… हर इमारत की एक अलग कहानी है… और दिल्ली दर्शन करते हुए यहां रुकने और इसे देखने वालों की अलग कहानी है… ये दोनों कहानी जुड़कर दिल्ली की कहानी बन जाती है…
इसी तरह इन इमारतों के पीछे भी एक कहानी है। कहने को तो ये बेजान इमारतें हैं लेकिन इनकी एक-एक ईंट पर वास्तुकला का खूबसूरत नमूना देखने को मिलेगा। दिल्ली को अपनी वास्तुकला से सजाने वाले ब्रिटिश आर्किटेक्ट सर एडविन लुटियंस का जन्म आज ही के दिन वर्ष 1869 में हुआ था। 1912 से 1930 के बीच Sir Edwin लुटियंस ने नई दिल्ली शहर का Plan तैयार किया । दिल्ली की कई अहम इमारतें जैसे India Gate, संसद भवन, और राष्ट्रपति भवन का Design भी Sir Edwin लुटियंस ने ही तैयार किया था । आज भी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले इस इलाक़े को लुटियंस Zone के नाम से जाना जाता है।