14 March : Cinema got its voice today 87 years ago

The first talking and singing film of Indian Cinema ‘Alam Ara’ (The Ornament of the World) was released today in 1931 at Majestic Cinema in Mumbai.

The film directed by Ardeshir Irani. It featured Master Vithal and Zubaida in lead roles.

The film as shot in Tanar single system camera, which recorded sound directly onto the film.

The film also had first song of Indian Cinema ‘ De de khuda ke naan par’. The film had music by Ferozshah M. Mistri and B. Irani, and had seven songs.

The shooting was done mostly at night, to avoid daytime noises.

The irony is, this chapter of history is deleted forever as no copy of the film is available since 1967, according to the National Film Archive of India.

#Hindi 
समय के साथ सिनेमा की शक्ल, अक्ल और रंग-रूप सब कुछ बदल गया है। आज का सिनेमा तो हम सब देख रहे हैं… लेकिन समय-समय पर उस दौर को भी याद कर लेना चाहिए, जब सिनेमा के नाम पर छोटे-छोटे सेट्स हुआ करते थे… लड़के ही लड़कियों का किरदार निभाते थे… सिनेमा में गीत-संगीत होना बहुत बड़ी बात समझी जाती थी। ये उन दिनों की बात है जब सिर्फ इशारों में ही सिनेमा की कहानी कही जाती थी। पहली ऐसी फिल्म थी दादा साहेब फाल्के की राजा हरीशचन्द्र। फिर ऐसा दौर आया जब सिनेमा को आवाज़ मिली। ये दौर था आलम आरा का। ये फिल्म आज ही के दिन मुंबई के मेजेस्टिक सिनेमा में रिलीज़ हुई थी। दुख की बात ये है कि इसकी एक भी कॉपी हमारे पास सुरक्षित नहीं है। इसलिए इस फिल्म को तो हम कभी देख नहीं पाएंगे, लेकिन इस फिल्म और उस दौर के बारे में कुछ दिलचस्प बातें आर ऊपर दिए लिंक को क्लिक करके देख सकते हैं।